बिजनौर कांड की न्यायिक जाँच की माँग, MSO ने घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया

नई दिल्ली, जून 4।
मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इंडिया यानी एमएसओ ने माँग की है कि बिजनौर बलात्कार कांड की न्यायिक जाँच होनी चाहिए और दोषी को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए। संगठन का मानना है कि बलात्कार पीड़िता अब भी डरी हुई है और रेलवे और उत्तर प्रदेश पुलिस उस पर बयान बदलने का दबाव डाल रहे हैं, ऐसी स्थिति में रेलवे और पुलिस से पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है।
यहाँ पत्रकारों से बातचीत में एमएसओ के राष्ट्रीय महासचिव शुजात अली क़ादरी ने कहाकि मेरठ के लिसाड़ी गेट की रहने वाली पीड़ित मुस्लिम महिला भूल से ग़लत ट्रेन में बैठ गई और बिजनौर के चांदपुर में तबीयत ख़राब होने पर विकलांग कोच में बैठाने के बहाने कान्सटेबल कमल शुक्ला ने कोच में ही उसके साथ बलात्कार किया। उसी समय उमेश नाम के एक लड़के ने सिपाही कमल शुक्ला की इस हरकत की तस्वीरें खींच ली। उमेश ने बताया कि अगल ऐसा किसी मुस्लिम बहन के साथ हो सकता है तो हिन्दू बहन के साथ भी हो सकता है। इस खबर को लेकर सोशल मीडिया पर कहा जा रहा था कि बलात्कार की पीड़ित महिला रोजेदार थी जो कस्बा चांदपुर से बिजनौर के लिए ट्रेन में चढ़ी थी। रेलवे पुलिस के जवान ने इस रोजेदार महिला से बलात्कार किया जिसके बाद स्टेशन पर हंगाम मच गया। जबकि अभी तक इस महिला के रोजा रखने की बात की पुलिस ने पृष्टि नहीं की है। दुष्कर्म की पृष्टि के लिए स्लाइड को जांच के लिए भेजा गया है। आपको बता दे कि जब ट्रेन बिजनौर स्टेशन पर रूकी तो बेहोशी की हालात में महिला को ट्रेन से उतारा गया। मौके पर सिपाही को सदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। स्टेशन पर ही लोगों ने सिपाही के साथ मारपीट शुरू कर दी थीजिसके बाद बिजनौर के एसपी सिटी राजधारी चौरसिया ने ने सिपाही को गिरफ्तार किया था।
एमएसओ ने माँग की है कि पीड़िता पर रेलवे और उत्तर प्रदेश पुलिस दबाव डाल रही है कि वह अपना बयान बदल ले और बलात्कार के आरोपित कमल शुक्ला को रेलवे और पुलिस बचा रहे हैं। शुक्ला को बचाने का इस बात से भी पता चलता है कि उसे थाने में वीआईपी सुविधाएँ दी जा रही हैं। शुक्ला की वह तस्वीरें भी वाइरल हो गई हैं जिसमें उसे थाने में बैठाकर खाना खिलाया जा रहा है और वह लॉकअप में भी बन्द नहीं है। एमएसओ ने कहाकि न्यायिक जाँच से ही पीड़िता को न्याय मिलेगा। संगठन ने महिला को मुआवज़ा और सरकारी नौकरी दिए जाने की भी माँग की।

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