उरी हमले के विरोध में मस्जिद से उठी कार्यवाई कि मांग

जयपुर, 23 सितम्बर। कश्मीर के उरी सैनिक अड्डे पर आतंकवादी हमले की मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया यानी एमएसओ ने निंदा की है। एमएसओ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुफ़्ती ख़ालिद अयूब मिस्बाही ने गट्टे वाले बाबा के मस्जिद में हजारो लोगो को संबोधित करते हुये इसकी निंदा कि और आतंक के खिलाफ व्यापक लडाई पर जोर दिया.

एमएसओ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ख़ालिद अयूब मिस्बाही ने कहाकि पाकिस्तान द्वारा बार बार देश मे किये जा रहे कायराना हमलों को लेकर ठोस जवाबी कार्यवाही की ज़रूरत है बार बार हो रहे हमलों से देश की जनता मे आक्रोश व्याप्त है.

मिस्बाही ने कहाकि इस्लाम के नाम पर आतंक फ़ैलाने वाले जैशे मुहम्मद जैसे वहाबी संगठन अपने इरादों में कभी कामयाब नहीं होंगे? मिस्बाही ने कहाकि भारत को चाहिए कि वह वहाबिज्म पर तुरंत प्रतिबंध लगाए और मुस्लिम कल्याणकारी कार्यक्रम और संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए सूफी लोगों और सूफी इस्लाम को प्रश्रय दे। मिस्बाही ने कहाकि यदि सरकार चाहे तो वह उन्हें वहाबिज्म को समझने और सूफीवाद को संस्थानिक करने के उद्देश्य में मदद दे सकते हैं।

आपको बता दें कि मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन भारत के मुस्लिम विद्यार्थियों का क़रीब चार दशक पुराना संगठन है जिसकी सदस्य क्षमता 10 लाख विद्यार्थी है। यह संगठन भारत में युवाओं को कट्टरता के मार्ग पर जाने से रोकने के लिए हुआ था और अब तक संगठन ने क़रीब 10 हजार युवाओं को कट्टरता के भटकाव में जाने से रोककर उन्हें मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है। मिस्बाही ने कहाकि इस्लाम का सच्चा रूप सूफीवाद है। हम बच्चों को सिर्फ भूराजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर ही नहीं बल्कि इस्लाम की समझ के आधार पर भी इस्लाम और वहाबीवाद को समझने में मदद करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *